भारतीय हॉकी में नया अध्याय: जालंधर के मनप्रीत ने 412वें मैच के साथ टिर्की की बराबरी की

    भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर और पूर्व कप्तान मनप्रीत सिंह ने अपने करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। नीदरलैंड के खिलाफ रॉटरडैम में खेले गए मुकाबले में मैदान पर उतरते ही उन्होंने पूर्व कप्तान और हॉकी इंडिया के वर्तमान अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 412 अंतरराष्ट्रीय मैचों के राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

    इसके साथ ही मनप्रीत भारत की ओर से सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले संयुक्त रूप से पहले खिलाड़ी बन गए हैं। वह वर्तमान में 400 से अधिक सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले एकमात्र सक्रिय भारतीय खिलाड़ी हैं। अब उनके पास अगले मुकाबले में दिलीप टिर्की को पीछे छोड़कर नया इतिहास रचने का अवसर है।

    • दिलीप टिर्की के रिकॉर्ड की बराबरी: भारतीय हॉकी के आधुनिक युग के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल 33 वर्षीय मनप्रीत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। शनिवार को रॉटरडैम में नीदरलैंड के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में जैसे ही उन्होंने मैदान पर कदम रखा, उनका नाम भारतीय हॉकी इतिहास में दर्ज हो गया। इस मैच के साथ ही मनप्रीत सिंह ने भारत के पूर्व कप्तान और हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की के 412 अंतरराष्ट्रीय मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। लंबे समय तक यह उपलब्धि टिर्की के नाम रही थी, जो भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी थे।
    • 400 क्लब के इकलौते सक्रिय भारतीय खिलाड़ी: मनप्रीत सिंह अब दुनिया के उन चुनिंदा दिग्गज खिलाड़ियों के क्लब में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अपने देश के लिए 400 से अधिक सीनियर अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। खास बात यह है कि वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले वर्तमान समय के एकमात्र सक्रिय भारतीय खिलाड़ी हैं।
    • पिछले एक दशक से अधिक समय से मनप्रीत सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम की रीढ़ रहे हैं। अपनी शानदार ड्रिबलिंग, सटीक पासिंग और बेहतरीन खेल समझ के दम पर उन्होंने टीम को कई यादगार जीत दिलाई हैं।
    • टोक्यो ओलंपिक के पदक विजेता कप्तान: मनप्रीत सिंह के नाम कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हैं। वह टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे, जिसने भारतीय हॉकी को नई ऊर्जा दी। इसके अलावा उन्होंने हॉकी विश्व कप, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व किया है। मैदान पर उनका अनुभव, नेतृत्व क्षमता और निरंतर प्रदर्शन उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डरों में शामिल करता है। संकट की घड़ी में टीम को संभालने की उनकी क्षमता उन्हें विशेष बनाती है।

    मनप्रीत सिंह के शानदार करियर में अब एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। भारतीय टीम जब अपने अगले मुकाबले के लिए मैदान पर उतरेगी, तो उनके पास दिलीप टिर्की के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का अवसर होगा।

    413वां मैच खेलते ही वह भारत के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाले अकेले खिलाड़ी बन जाएंगे। खेल के प्रति उनका समर्पण और निरंतर निरंतर प्रदर्शन देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के हॉकी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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