ईश्वर किसी को पूर्ण नहीं बनाता, अभाव ही जीवन का सबसे बड़ा शिक्षक है : नवजीत भारद्वाज

मां बगलामुखी जी के निमित मासिक हवन यज्ञ का आयोजन 28 जून दिन रविवार को

जालंधर/दिव्य दोआबा ब्यूरो- 25 जून। मां बगलामुखी धाम, गुलमोहर सिटी, लमांपिंड चौक के निकट स्थित मंदिर परिसर में मां बगलामुखी जी के निमित्त सामूहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ। सर्वप्रथम ब्राह्मणों द्वारा मुख्य यजमान रोहित गौतम एवं योगिता गौतम से पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन तथा नवग्रह पूजन संपन्न करवाया गया। इसके उपरांत परिवार सहित हवन-यज्ञ में आहुतियां अर्पित की गईं।

सिद्ध मां बगलामुखी धाम में आयोजित इस दिव्य हवन यज्ञ के दौरान संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और भक्तिभाव से सराबोर दिखाई दिया। वैदिक मंत्रोच्चारण की पावन ध्वनि तथा हवन कुंड में प्रज्वलित अग्नि की दिव्य आभा से पूरा धाम भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु मां बगलामुखी की आराधना में लीन होकर आध्यात्मिक शांति एवं दिव्य अनुभूति का अनुभव कर रहे थे।

इस अवसर पर धाम के प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में अभाव कोई अभिशाप नहीं, बल्कि परमात्मा की एक दिव्य व्यवस्था है, जो व्यक्ति को विनम्रता, संतोष और ईश्वर के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि यदि सृष्टि को ध्यानपूर्वक देखा जाए तो परमात्मा की प्रत्येक रचना एक गहरा संदेश देती है। ईश्वर ने संसार में किसी को भी पूर्ण नहीं बनाया। प्रत्येक को कुछ विशेषताएं प्रदान कीं, लेकिन साथ ही कुछ न कुछ अभाव भी रखा। यही अभाव मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारने वाला सबसे बड़ा शिक्षक बनता है।

नवजीत भारद्वाज ने उदाहरण देते हुए कहा कि विधाता ने गन्ने को मिठास दी, लेकिन फल नहीं दिया। सोने को चमक दी, लेकिन सुगंध नहीं दी। चंदन को सुगंध दी, लेकिन फूलों जैसी शोभा नहीं दी। समुद्र को असीम विशालता दी, लेकिन उसका जल खारा रखा। नदी को मीठा जल दिया, लेकिन उसे कभी ठहरने का अधिकार नहीं दिया। कमल को पवित्रता और सुंदरता का प्रतीक बनाया, लेकिन उसे कीचड़ में खिलाया।

नवजीत भारद्वाज ने कहा कि सूर्य को अपार प्रकाश दिया गया, लेकिन शीतलता नहीं दी गई। चंद्रमा को शीतलता दी गई, लेकिन अपना प्रकाश नहीं दिया गया। विद्वानों को ज्ञान दिया गया, लेकिन यह आवश्यक नहीं कि उन्हें धन भी प्राप्त हो। राजाओं को वैभव और सामर्थ्य दिया गया, लेकिन लंबी आयु का आश्वासन नहीं दिया गया।

नवजीत भारद्वाज ने कहा कि परमात्मा ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि जहां सब कुछ मिल जाता है, वहां अहंकार जन्म लेता है, जबकि जहां अभाव होता है, वहां विनम्रता और समर्पण का भाव विकसित होता है। अभाव मनुष्य को यह स्मरण कराता है कि वह सर्वशक्तिमान नहीं है और उसे हर क्षण ईश्वर की कृपा तथा समाज के सहयोग की आवश्यकता है।

उन्होंने आगे कहा कि यदि समुद्र का जल भी मीठा होता तो नदियों का महत्व समाप्त हो जाता और यदि सूर्य में शीतलता भी होती तो चंद्रमा की आवश्यकता कौन समझता। उसी प्रकार यदि मनुष्य को जीवन में सब कुछ सहज ही प्राप्त हो जाए तो वह परमात्मा को भी भूल सकता है।

नवजीत भारद्वाज ने कहा कि ईश्वर ने जीवन में कुछ संघर्ष, कुछ प्रतीक्षा और कुछ अभाव इसलिए रखे हैं ताकि मनुष्य निरंतर कर्म करता रहे, सीखता रहे, आगे बढ़ता रहे और सबसे बढ़कर विनम्र बना रहे। अभाव वास्तव में ईश्वर का वह आशीर्वाद है, जो मनुष्य को घमंड से बचाकर उसे विधाता के और अधिक निकट ले जाता है।

नवजीत भारद्वाज नेअंत में कहा कि जीवन में किसी कमी को लेकर निराश होने की आवश्यकता नहीं है। संभव है कि वही अभाव आपको संतोष, आत्मबोध और परमात्मा की निकटता तक पहुंचाने का माध्यम बन जाए। जहां संतोष है, वहीं सुख है, वहीं शांति है और वहीं ईश्वर का वास्तविक निवास है।

धाम के सेवादार नवजीत भारद्वाज ने बताया कि मां बगलामुखी जी के निमित्त मासिक हवन यज्ञ का आयोजन 28 जून (रविवार) को मंदिर परिसर में किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं मां भक्तों को सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आमंत्रण दिया।

इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज, समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, अमरेंद्र कुमार शर्मा, प्रदीप, दिनेश सेठ, सौरभ भाटिया, विवेक अग्रवाल, जानू थापर, दिनेश चौधरी, नरेश, कोमल, वेद प्रकाश, मुनीष मैहरा, जगदीश डोगरा, ऋषभ कालिया, रिंकू सैनी, कमलजीत, बलजिंदर सिंह, बावा खन्ना, धर्मपाल सिंह, अमरजीत सिंह, उदय, अजीत कुमार, नरेंद्र, रोहित भाटिया, बावा जोशी, राकेश शर्मा, अमरेंद्र सिंह, विनोद खन्ना, नवीन, सुधीर, सुमीत, जोगिंदर सिंह, मनीष शर्मा, डॉ. गुप्ता, अमनदीप, अवतार सैनी, परमजीत सिंह, दानिश, रितु, गौरी, केतन शर्मा, शंकर, संदीप, प्रदीप वर्मा, गौरव गोयल, मनी मैहरा, अजय शर्मा, दीपक, किशोर, प्रवीण, राजू, गुलशन शर्मा, संजीव शर्मा, मुकेश, रजेश महाजन, अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, एडवोकेट शर्मा, वरुण, नितिश, रोमी, भोला शर्मा, दिलीप, लवली, लक्की, मोहित, विशाल, अश्विनी शर्मा, रवि भल्ला, नवीन कुमार, निर्मल, अनिल, सागर, दसौंधा सिंह, प्रिंस कुमार तथा अन्य गणमान्य श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

हवन यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विशाल लंगर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण कर मां बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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