धान की फसल खतरे में! जालंधर में किसानों ने बिजली कटौती के विरोध में घेरा PSPCL कार्यालय, बड़े आंदोलन की चेतावनी

जालंधर/दिव्य दोआबा ब्यूरो :- धान की बुवाई के महत्वपूर्ण सीजन के दौरान लगातार हो रही बिजली कटौती के विरोध में दोआबा किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी ने सोमवार को पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया और सरकार तथा बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग उठाई।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कमेटी के नेताओं ने कहा कि धान की फसल के लिए यह समय बेहद अहम है, लेकिन लगातार बिजली कटौती के कारण किसानों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त बिजली न मिलने से खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा, जिससे धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर किसानों की फसल और उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।

किसान नेताओं ने पंजाब सरकार के उन दावों पर भी सवाल उठाए, जिनमें राज्य में बिजली संकट न होने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात कही गई थी। उनका कहना था कि जमीनी स्तर पर स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है और किसान तथा आम उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती से परेशान हैं।

नेताओं ने आरोप लगाया कि जब किसान प्रदर्शन के लिए PSPCL कार्यालय पहुंचे और धरना शुरू किया, तो क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि बिजली व्यवस्था में सुधार संभव है, लेकिन विभाग किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा।

दोआबा किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि धान सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त और नियमित बिजली उपलब्ध नहीं करवाई गई, तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन भी शुरू किया जा सकता है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मांग की कि सरकार और PSPCL तत्काल प्रभाव से बिजली आपूर्ति का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को धान की खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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