भगवंत मान सरकार के 4 साल, पंजाब का हुआ बुरा हाल—श्वेत मलिक।

जालंधर/दिव्य दोआबा ब्यूरो:- पूर्व सांसद पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष श्वेत मलिक ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया और इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष श्री अशोक सरीन हिक्की , पंजाब बीजेपी उपाध्यक्ष श्री राकेश राठौर , पंजाब बीजेपी सचिव सरदार अमरजीत सिंह अमरी , श्रीमती करमजीत कौर चौधरी , सुशील शर्मा , रमन पब्बी , राजेश कपूर , अमरजीत सिंह गोल्डी , मनीष कुमार उपस्थित थे l मलिक ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार ने पंजाब के हर वर्ग से वादाखिलाफ़ी की l उन्होंने बताया कि जहाँ उद्योगपति , व्यापारी, महिलाएँ , युवा , किसान, विद्यार्थीओ को झूठे वायदों से धोखा दिया वहाँ सरकारी कर्मचारियों को अपनी उचित अधिकारो की पूर्ति ना होने पर मान्यवर हाई कोर्ट में गुहार लगानी पड़ी l

मलिक ने बताया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब की आप पार्टी सरकार और पीएसपीसीएल की अपील को खारिज करते हुए राज्य के करीब 6 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बकाया महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) 15 दिन से एक महीने के भीतर जारी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा है कि जब तक सारा बकाया नहीं चुकाया जाता, तब तक सरकार अपने प्रचार और अन्य गैर-जरूरी खर्चों पर रोक रखे।हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी लंबित डीए (DA/DR) किस्तें जल्द से जल्द पखवाड़े या 1 महीने के भीतर जारी करे और यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ, तो बकाया राशि पर 6% वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा।कर्मचारियों का पैसा मिलने तक गैर-जरूरी प्रचार पर कोई खर्च नहीं किया जाएगा और मुफ्त की रेविड़यों (Freebies) पर एक रुपया भी बर्बाद नहीं कर सकती! इस सरकार नेअपनी झूठी शान चमकाने क लिए िवज्ञापनों पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर दिए पर कर्मचारियों को उनका हक देने की बारी आई तो खजाने का रोना रोने लगे ,हाईकोर्ट के इसफैसले से यह भी पूरी तरह साफ हो गया है । पंजाब के मुख्य सचिव को 31 अगस्त तक अदालत में अनुपालन हलफनामा जारी करने का भी आदेश किया l

मलिक ने बताया कि आम आदमी पार्टी (AAP) भगवंत मान सरकार के खिलाफ कर्मचारियों की मांगों और उन पर पुलिसिया कार्रवाई (दमन के आरोप) का मुद्दा हाल के दिनों में पंजाब में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों के पूरा न होने पर राज्य के विभिन्न विभागों के कर्मचारी लगातार सड़कों पर उतर रहे हैं, उन्हें कई मौकों पर उनकी आवाज दबाने के लिए सरकारी बल के प्रयोग का सामना करना पड़ा है। जुलाई 2026 में पंजाब के बरनाला में अपनी मांगों (पक्के ठेके, पुरानी पेंशन योजना और वेतन वृद्धि) को लेकर प्रदर्शन कर रहे निर्दोष निहत्थे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों, विशेषकर महिला सफाई कर्मचारियों को बेरहमी से पीटने और चोटिल करने के आरोप सरकार पर लगे। इस घटना के विरोध में पूरे पंजाब में ‘बंद’ का आह्वान किया गया और भाजपा ने इसे आम आदमी के अधिकारों का दमन बताया। भाजपा व कर्मचारियों के दबाव के बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए बरनाला के डीएसपी (DSP) सतवीर सिंह और संबंधित एसएचओ (SHO) को सस्पेंड कर दिया और मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया।

श्वेत मलिक ने बताया कि जुलाई 2026 के मध्य में, पिछले 6 से 8 महीनों से बकाया वेतन की मांग कर रहे मनरेगा के अनुबंधित कर्मचारियों को खन्ना (पंजाब) में पुलिस ने तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, पानी की बौछारें (वाटर कैनन) और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। मलिक ने बताया कि सत्ता हासिल करने के लिए आप पार्टी खुद ‘धरना और प्रदर्शन’ की राजनीति से उपजी है, वह अब अपनी ही जनता और कर्मचारियों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है। पंजाब के लगभग 3.5 लाख सरकारी कर्मचारी और 4 लाख पेंशनभोगी केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को नियमित डीए मिल रहा है, जबकि निचले कैडर को केवल खोखले आश्वासन जिसका संज्ञान हाईकोर्ट ने लिया । मलिक ने कहा 31 जुलाई 2026 को संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के बाहर NSQF वोकेशनल टीचर्स फ्रंट के शिक्षकों ने उग्र प्रदर्शन किया था इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई शिक्षकों को हिरासत में ले लिया। रोडवेज (PUNBUS/PRTC), बिजली विभाग (PSPCL) और आम आदमी क्लीनिक के संविदा (Contractual) कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। आप पार्टी द्वारा चुनाव पूर्व वादे के बावजूद ओपीएस को पूरी तरह लागू न किए जाने से भी कर्मचारियों में भारी असंतोष है। इन गंभीर आरोपों और विरोधों के बीच सरकार ने डैमेज कंट्रोल के लिए कुछ नहीं किया व कर्मचारियों पर डंडे बरसाए l नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों ने वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री के खिलाफ काले झंडों के साथ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

भाजपा पंजाब के हर सरकारी कर्मचारी और पेंशनर से यह वादा करती है कि पंजाब में हमारी सरकार बनते ही, सभी को बिना किसी देरी के केंद्र की मोदी सरकार की दर (Central Pay/Rate) के बराबर DA और पेंशन का बकाया दिया जाएगा। कर्मचारिओ को उनका पूरा हक़ मिलेगा यह बीजेपी का संकल्प है। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी कर्मचारी य मजदूर का वेतन एक भी दिन लेट न होउन्हें हर महीने समय पर उनका वेतन मिलेगा l


मलिक ने कहा इस फेल आप सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार (Right) नहीं है, क्योंकि ये पंजाब का राजस्व (Revenue) बढ़ाने में पूरी तरह फेल सबूत हुए हैं केवल भ्रष्टाचार किया है l मलिक ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले पंजाब से नशा पूरी तरह खत्म करने का दावा किया था, लेकिन जमीन पर ड्रग्स ओवरडोज से हो रही मौतें और इसकी तस्करी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है और सरकारी भर्तियों में गड़बड़ी और धांधली के भी आरोप हैl हाल ही में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा सहित कई सरकारी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर नकल और ब्लूटूथ जैसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल के मामले सामने आए हैं l मान सरकार युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार देने में असफल रही है,l

पंजाब पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। सरकार नया राजस्व (revenue) पैदा करने के बजाय केवल कर्ज लेकर राज्य चला रही है, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हैं। मान सरकार द्वारा 2022 चुनाव जीतने के तुरंत बाद महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने का झूठा वादा अब पंजाब की 1.5 करोड़ महिलाओं का 51 महीने की सरकार के कार्यकाल में हर महिला का बकाया हजारों करोड़ सरकार कब देगी l शुरू से ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान व उनके मंत्रियों को दिल्ली के नेता रिमोट कंट्रोल से चला रहे हैं l

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