जालंधर, 20 जून:
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और ठोस कचरा प्रबंधन परियोजनाओं के प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया के निर्देशानुसार स्थानीय जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामीण ठोस कचरा प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) यूनिटों के निर्माण, संचालन और रखरखाव से संबंधित तकनीकी दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में राउंडग्लास फाउंडेशन के रिसोर्स पर्सन डा. गिरीश सपरा ने प्रतिभागियों को परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन और संचालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।
डा. सपरा ने कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, जैविक कचरे से खाद तैयार करने की प्रक्रिया, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों के निर्माण एवं संचालन की तैयारियों तथा शुरुआती चरण में आने वाली सामान्य चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि प्रभावी ठोस कचरा प्रबंधन से न केवल गांवों की स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यकारी इंजीनियर, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (बी.डी.पी.ओ.), सहायक परियोजना अधिकारी (ए.पी.ओ.), ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर, जूनियर इंजीनियर, पंचायत सचिव, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी तथा उन गांवों के सरपंचों ने भाग लिया, जहां ठोस कचरा प्रबंधन परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं या निर्माणाधीन हैं।
कार्यक्रम के अंत में एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं और उनके व्यावहारिक समाधानों पर चर्चा की। जिला प्रशासन ने स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल गांवों के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से इन परियोजनाओं के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।



