भाग्य नहीं, कर्म बदलते हैं जीवन की दिशा : नवजीत भारद्वाज

जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में श्री शनिदेव महाराज जी के निमित सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान राकेश शर्मा से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम में आयोजित दिव्य हवन यज्ञ के दौरान वातावरण वैदिक मंत्रोच्चारण और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। इस अवसर पर प्रेरक वक्ता नवजीत भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को कर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन उसके कर्मों से ही महान बनता है और ईश्वर ने प्रत्येक व्यक्ति को कर्म करने की शक्

गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रसिद्ध चौपाई—

“करम प्रधान विश्व रचि राखा।
जो जस करहिं सो तस फल चाखा॥
सकल पदारथ हैं जग माहीं।
करमहीन नर पावत नाहीं॥”


गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रसिद्ध चौपाई का उल्लेख करते हुए नवजीत भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को कहा कि संसार की पूरी व्यवस्था कर्म के सिद्धांत पर आधारित है। व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। बिना परिश्रम और प्रयास के जीवन में किसी भी उपलब्धि की प्राप्ति संभव नहीं है।
नवजीत भारद्वाज ने कहा कि आज अनेक लोग अपनी असफलताओं का कारण भाग्य को मानते हैं, जबकि शास्त्रों के अनुसार भाग्य भी हमारे कर्मों का ही परिणाम होता है। यदि किसान खेत में बीज न बोए तो अच्छी फसल की उम्मीद नहीं कर सकता और यदि विद्यार्थी अध्ययन न करे तो अच्छे परिणाम की अपेक्षा व्यर्थ है। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कर्म रूपी बीज बोना आवश्यक है।
उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए बताया कि जब अर्जुन युद्धभूमि में मोह और निराशा से घिर गए थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कर्मयोग का संदेश दिया था। श्रीकृष्ण ने कहा कि मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने में है, फल पर नहीं। जब अर्जुन ने अपने कर्तव्य का पालन किया, तभी उन्हें विजय प्राप्त हुई।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भारद्वाज ने कहा कि कर्म ही मनुष्य के चरित्र, व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण करता है। अच्छे कर्म सम्मान दिलाते हैं और निरंतर परिश्रम सफलता के द्वार खोलता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को आलस्य, निराशा और भाग्यवाद से दूर रहकर ईमानदारी, मेहनत और सदाचार के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति निस्वार्थ भाव से कर्म करता है, ईश्वर भी उसका मार्ग प्रशस्त करते हैं। जीवन में उन्नति और सुख-समृद्धि प्राप्त करने का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग कर्म ही है। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने हवन में आहुति देकर विश्व कल्याण और मानवता की सुख-शांति की कामना की।

इस अवसर पर समीर कपूर, विक्की अग्रवाल, प्रदीप , दिनेश सेठ, सौरभ भाटिया, विवेक अग्रवाल, नरेश,कोमल, मुनीष मैहरा,ऋषभ कालिया, कमलजीत, धर्मपालसिंह, नरेंद्र , रोहित भाटिया, प्रदीप, सुधीर, सुमीत , जोगिंदर सिंह, मनीष शर्मा, अवतार सैनी, परमजीत सिंह, दानिश, रितु, कुमार, गौरी केतन शर्मा, सौरभ , शंकर, संदीप, रिंकू, प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश, अजय शर्मा, दीपक , किशोर, प्रदीप , प्रवीण, राजू, संजीव शर्मा, रोहित भाटिया , मुकेश, रजेश महाजन , अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, ऐडवोकेट शर्मा, वरुण, नितिश , रोमी, भोला शर्मा, दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल , रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल, अनिल, सागर, दीपक, दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक कुमार, नरेंद्र, सौरभ, दीपक कुमार, नरेश, दिक्षित, अनिल सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।

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