चंडीगढ़/दिव्य दोआबा ब्यूरो/17 जुलाई :- जालंधर के रहने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ‘भज्जी’ को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस की सुरक्षा बहाल करने की उनकी याचिका को खारिज करते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी सुरक्षा केवल आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने के कारण वापस ली गई थी।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि हरभजन सिंह की सुरक्षा हटाने का निर्णय सुरक्षा समीक्षा समिति (Security Review Committee) द्वारा पहले ही लिया जा चुका था। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के घर के बाहर प्रदर्शन होना या उसे “गद्दार” कहे जाने मात्र से उसकी जान को वास्तविक खतरा साबित नहीं होता, विशेषकर तब जब प्रदर्शन हिंसक न रहा हो।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई Y+ श्रेणी की सुरक्षा तथा पंजाब सरकार द्वारा राज्य में आगमन के दौरान स्थानीय स्तर पर सुरक्षा उपलब्ध कराने के आश्वासन को पर्याप्त मानते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।

भज्जी ने याचिका में क्या कहा था
हरभजन सिंह की ओर से अदालत में दायर याचिका में कहा गया था कि वे पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और आम आदमी पार्टी में रहते हुए उन्हें लगभग 25 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा मिली हुई थी। उन्होंने दावा किया कि 24 अप्रैल 2026 को AAP छोड़ने के अगले ही दिन 25 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली।
याचिका में यह भी कहा गया कि सुरक्षा हटाने का फैसला बिना किसी सुरक्षा समीक्षा और बिना उनका पक्ष सुने लिया गया। उनके वकील ने अदालत को बताया कि जालंधर स्थित उनके आवास के बाहर प्रदर्शन हुए तथा “गद्दार” लिखे पोस्टर लगाए गए, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। इसी आधार पर सुरक्षा बहाल करने की मांग की गई थी।
पंजाब सरकार ने अदालत में रखा पक्ष
पंजाब सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लेने का निर्णय उनके AAP छोड़ने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले 3 मार्च 2026 को हुई सुरक्षा समीक्षा समिति की बैठक में लिए गए आकलन के आधार पर किया गया था।
सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि समीक्षा के दौरान किसी भी सुरक्षा एजेंसी ने हरभजन सिंह के संबंध में किसी विशेष खतरे की सूचना नहीं दी थी। सरकार के अनुसार उनकी पंजाब में गतिविधियां सीमित हैं और वे अधिकांश समय राज्य से बाहर रहते हैं। इसलिए यह व्यवस्था की गई है कि जब भी वे पंजाब आएंगे, जालंधर पुलिस उन्हें आवश्यक स्थानीय सुरक्षा उपलब्ध कराएगी।
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि 4 मई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ के माध्यम से उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी थी।

हाईकोर्ट की टिप्पणी
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि केवल विरोध प्रदर्शन या “गद्दार” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने से स्वतः यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी व्यक्ति की जान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा है। अदालत ने यह भी माना कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई सुरक्षा और पंजाब सरकार के आश्वासन को देखते हुए किसी अतिरिक्त हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।
इसके साथ ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरभजन सिंह की सुरक्षा बहाली संबंधी याचिका का निपटारा कर दिया।



