इमरजेंसी विभाग में बिजली-पानी की व्यवस्था ठप, जनरेटर तक नहीं होने का लगाया आरोप
जालंधर/दिव्य दोआबा ब्यूरो:- जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के प्रधान राजिंदर बेरी ने मंगलवार सुबह सिविल अस्पताल का दौरा कर वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट कार्यालय और इमरजेंसी विभाग में पिछले कई घंटों से बिजली आपूर्ति बंद है, जबकि पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दौरे के दौरान राजिंदर बेरी ने कहा कि इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण विभाग का इस तरह अंधेरे में डूबा रहना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य क्रांति के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।

बेरी ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और स्वास्थ्य मंत्री पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करते हैं, लेकिन सिविल अस्पताल के मौजूदा हालात इन दावों की सच्चाई बयां कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल विज्ञापनों और मंचों से भाषण देने तक सीमित रह गई है, जबकि आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में इलाज के लिए मुख्य रूप से आम और जरूरतमंद लोग आते हैं, लेकिन उनकी सुविधाओं को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। बिजली और पानी जैसी आवश्यक सेवाओं के ठप होने से मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

राजिंदर बेरी ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में बिजली संकट की स्थिति से निपटने के लिए जनरेटर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से तुरंत अस्पताल की व्यवस्थाओं को बहाल करने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर संघर्ष करने के लिए मजबूर होगी।



